विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026: युवाओं की शक्ति से भारत का उज्ज्वल भविष्य
भारत आज केवल जनसंख्या के आकार से नहीं, बल्कि अपनी युवा ऊर्जा से पहचाना जाता है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यही युवा भारत की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इसी शक्ति को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार ने विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (Viksit Bharat Young Leaders Dialogue – VBYLD) 2026 का आयोजन किया। यह संवाद “विकसित भारत@2047” के स्वप्न को साकार करने की दिशा में युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और नीति-निर्माण से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
संवाद का उद्देश्य और स्वरूप
9 से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा महोत्सव का हिस्सा है, जिसका समापन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती, यानी राष्ट्रीय युवा दिवस पर होता है। इस संवाद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें देश के कोने-कोने से लाखों युवाओं ने भाग लिया। विभिन्न चरणों में लगभग 50 लाख युवाओं की भागीदारी के बाद करीब 3,000 युवा अंतिम चरण के लिए चुने गए।
इस पहल की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान से मिली, जिसमें उन्होंने राजनीति से बाहर के एक लाख युवाओं को राष्ट्र निर्माण में आगे आने का निमंत्रण दिया था। 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के ये युवा कृषि, स्टार्टअप, तकनीक, अंतरिक्ष, महिला नेतृत्व, पर्यावरण, रक्षा जैसे विविध क्षेत्रों पर अपने विचार और समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।
राष्ट्रसेवा की ओर युवाओं को प्रेरित करती भारतीय नौसेना
संवाद स्थल पर भारतीय नौसेना ने विशेष स्टॉल लगाकर युवाओं को देशसेवा के अवसरों से परिचित कराया। यहाँ युवाओं को अग्निवीर योजना और अधिकारी बनने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। नौसेना के अधिकारी स्वयं युवाओं से संवाद कर रहे हैं, उनके प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं और उन्हें समुद्री सुरक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के महत्व से जोड़ रहे हैं। यह पहल युवाओं को यह समझाने का प्रयास है कि देश की रक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में समर्पण से होती है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का प्रेरक संदेश
इस संवाद का एक विशेष आकर्षण रहा गगनयान मिशन के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का संबोधन। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही किसी भी देश की असली ताकत होते हैं—निडर, ऊर्जावान और परिवर्तन के वाहक। उन्होंने युवाओं से कहा कि आत्म-संदेह से बाहर निकलें, असफलताओं से डरें नहीं और हर परिस्थिति में लचीले बने रहें।
उन्होंने गगनयान मिशन से लेकर विकसित भारत@2047 तक की यात्रा में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उनका कहना था कि विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीक जैसे क्षेत्रों में युवा नवाचार भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयों तक ले जा सकता है। उनका संदेश साफ था—युवा जब आगे बढ़ते हैं, तो देश स्वतः आगे बढ़ता है।
युवा-नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक पहल
विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद केवल भाषणों और मंच तक सीमित कार्यक्रम नहीं है। यह युवाओं को अपनी बात कहने, नीति पर सुझाव देने और देश के नेतृत्व तक अपनी आवाज पहुँचाने का अवसर देता है। इस मंच से चुने गए विचार प्रधानमंत्री तक पहुँचाए जाते हैं और 12 जनवरी को समापन सत्र में प्रधानमंत्री युवाओं से सीधे संवाद करते हैं। युवाओं द्वारा लिखे गए निबंधों और विचारों का संग्रह भी जारी किया जाता है, ताकि उनके दृष्टिकोण को व्यापक मंच मिल सके।
भारतीय नौसेना, ISRO, स्टार्टअप संस्थान और अन्य राष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि देश युवाओं को केवल सुन नहीं रहा, बल्कि उन्हें जिम्मेदारी भी सौंप रहा है।
निष्कर्ष
विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026 इस बात का प्रतीक है कि भारत अपने भविष्य को युवाओं के हाथों में सौंपने के लिए तैयार है। यह संवाद युवाओं की ऊर्जा, कल्पनाशक्ति और साहस का उत्सव है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जैसे प्रेरणास्रोत और भारतीय नौसेना जैसे संस्थान युवाओं को यह संदेश दे रहे हैं—देश तुम्हें बुला रहा है।
यदि युवा आगे आएँ, तो 2047 तक भारत को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
आइए, हम सब मिलकर इस यात्रा का हिस्सा बनें और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
जय हिंद! 🇮🇳
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